तो आपको कौन-से गेम्स पसंद है ?
तो आपको कौन-से गेम्स पसंद है ?
शुरुआत एक कहावत से करते हैं, वो कहते है ना कि अति हर चीज की बुरी होती है। बात करते हैं उन नौजवानों की, जिन्हें हम अक्सर ‘देश का भविष्य’ कहकर बुलाते हैं। वह
आनलाईन गेम्स में इस हद तक खो गया है कि उसे खाने-पीने तक की चिंता नहीं और
आउटडोर गेम्स को तो मानों भुल ही गया है। आउटडोर गेम्स हमारे शारीरिक विकास के साथ-साथ दिमागी विकास में भी सहायक होती हैं। ऐसी बात नहीं है कि आनलाईन गेम्स के
फायदे नही हैं। इनके भी बहुत से फायदे हैं अगर इन्हें सही से इस्तेमाल किया जाये
तो | इसके कुछ तथ्य
इस प्रकार हैं---
v
रोज़ाना कुछ देर तक वीडियो गेम खेलने से बच्चों के विकास पर
अच्छा असर हो सकता है।ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की एक शोध के नतीजे इसी ओर इशारा
करते हैं।
v मनोवैज्ञानिक डॉक्टर एंड्रूय प्रज़ाइबाइल्स्की ने ब्रिटेन
के पाँच हजार बच्चों पर ये शोध किया। शोध
में शामिल किए गए बच्चे 10 से 15 साल की उम्र के
थे। इनमें से तीन चौथाई बच्चों ने कहा कि वे हर रोज वीडियो गेम खेलते हैं।
v
लेकिन शोध के मुताबिक वे बच्चे जो तीन घंटे से ज्यादा समय
वीडियो गेम्स को देते हैं, वे अपनी ज़िंदगी से नाखुश हैं।
v इन बच्चों को भावनात्मक समस्याएँ भी कम झेलनी पड़ती हैं और
वे शैतानी भी कम करते हैं। शोध के नतीजों के
मुताबिक तीन घंटे से ज्यादा समय वीडियो गेम्स को देने वाले बच्चे सबसे कम मिलनसार पाए गए।
v शोध में पाया गया कि जो बच्चे रोजाना एक घंटे से कम समय के
लिए वीडियो गेम खेलते हैं, वे वीडियो गेम बिलकुल ही नहीं खेलने वाले बच्चों की तुलना
में अपनी जिंदगी से ज्यादा खुश थे और उनका सामाजिक
बर्ताव अधिक सकारात्मक था।
आजकल के नौजवानों ने तो इसे अपनी जिंदगी का एक महत्वपुर्ण हिस्सा ही बना
लिया है और तरह-तरह की बिमारीयों का शिकार
भी हो रहे हैं। जैसे- ज्यादा गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन, काम में मन न लगना।
इसी कड़ी में अब बात करते हैं कुछ जानलेवा गेम्स की। जी हां सही पढा आपने
इंटरनेट पर कुछ ऐसी भी गेम्स हैं जो हमारी जान की दुश्मन बनी हुई हैं। इसका सटीक
सा उदाहरण है-
· द ब्लु व्हेल गेम- जिसमें इस गेम को खेलने वालों
को ऐसे ऐसे टास्क दिए जाते हैं कि इस टास्क का अंतिम लेवल खिलाडी की मौत पर जाकर
रुकता है। इसमें यूजर को अपने
फेसबुक या अन्य सोशल साइट्स से लॉगिन करना होता है। इस गेम में 50 दिन का टॉस्क दिया जाता है। गेम के एक स्टेप में हाथ पर
ब्लेड से F57 उकेरकर फोटो भेजने का कहा जाता है। यही नहीं डर पैदा करने के लिए सुबह 4.20 बजे हॉरर फिल्म का वीडियो देखना होता है। सुबह सुबह किसी
ऊंची बिल्डिंग पर चढ़ने को कहा जाता है। हर टॉस्क पूरा होने पर यूजर को अपने हाथ
पर एक कट लगाना होता है, जो
गेम खत्म होने तक व्हेल की तरह दिखने लगती है। गेम के लास्ट टॉस्क के रुप में यानी
50वें दिन यूजर को जान देकर विजेता बनने को कहा जाता है। 2015 में रुस में डेवलप हुए इस गेम से रुस में ही अबतक 130 लोगों ने जान दे दी है। मुंबई में 30 जुलाई
को एक 14 साल के बच्चे ने भी इसी गेम की वजह से छत से कूदकर जान दे
दी।
· पोकेमॉन
गो- लोग अपने आसपास की दुनिया से बेखबर स्मार्टफोन लिए पोकेमॉन को ढूंढ़ते रहते
हैं। इस गेम का नशा इस कदर हावी होता जा रहा है कि इसे खेलने वाले कई बार किसी
वाहन, खंभे या किसी और चीज से टकराकर गंभीर दुर्घटना का शिकार हो
जाते हैं। गेम लॉन्च होने के कुछ ही दिन बाद एक ट्रक चालक पोकेमॉन खेलते हुए गाड़ी
चला रहा था, जिसकी वजह से ट्रक पर नियंत्रण खोने से उसकी मौत हो गई। पूरी
दुनिया में इस गेम की वजह से कई लोगों की मौत हो चुकी है।
· स्नॉर्टिंग
चैलेंज- इस गेम में युवा एक दूसरे को विभिन्न वस्तुओं को नाक से खिंचकर मुंह से
निकालने का चैलेंज देते हैं। जिसमें कंडोम, गुब्बारे, स्ट्रिंग
और बहुत-सी चीजें यूज होती हैं। ऐसा करने से शरीर के
अंदरुनी हिस्सों को जख्मी करने के साथ जानलेवा साबित हो जाती हैं।
· वैंपायर
बिटिंग- इस गेम में लोग एक दूसरे को वैंपायर की तरह काटते हैं और खून निकालते हैं।
सेक्स के दौरान भी लोग इस गेम को खेलना पसंद करते हैं। काटने की वजह से खून का
संपर्क सीधे मुंह से होता है इसीलिए संक्रमण, घाव, एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी हो जाती हैं।
कहते हैं ना की हर बात के दो अर्थ होते हैं, उसी प्रकार गेम्स के भी दो अर्थ बन गए- आउटडोर गेम्स और आनलाईन गेम्स।
आजकल के नौजवान खेलने में आनलाईन गेम्स को
प्राथमिकता देते हैं और विभिन्न प्रकार की बिमारीयों को न्यौता देते हैं। जैसे- सिर
दर्द ,याद्दाश्त का कमजोर होना, आंखों में दर्द...इत्यादि।
एक कहावत है पहला सुख निरोगी काया। अगर आपका
शरीर ही स्वस्थ नही रहेगा तो भईया ज्यादा समय तक आप आनलाईन गेम्स भी नहीं खेल
पाएंगे। इसलिए जितना गेम्स का ध्यान रखा जाता है, कम से कम उतना ध्यान अपने स्वास्थ्य पर देना चाहिए।
अच्छे स्वास्थय का लिए आप योग कर सकते हैं, आउटडोर गेम्स खेल सकते हैं....
साभार- गजेंद्र वर्मा
आईएमसीएमटी, कु.वि.कु
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