रत्नावली के मैं किस तरियाँ चाल्या रागणी कम्पीटीशन

औढणा अर् पैरणा सिंगार चहिये सै, 16 साल की हौली मैंने भरतार चाहिये सै

रागणी का हरियाणवीं संस्कृति तै खासा जुड़ाव रया सै ज्यांतै 34 वीं रत्नावली के पहलडै दिन एअर थियेटर में रागणियाँ सुणाई गई। दूर-दूर तै आई टीम्मा  नै रागणी गाण मैं कति घी सा घाल दिया। सीआईएस कन्या महाविध्यालय कैथल की छोरी ने गैल चाल्लुँगी..जी ना लागदा तेरे बिना  हरियाणवी रागणी गा कै लोगों नै ताड़ि बजाण तैंइ मजबूर कर दिया। फैर दूसरा नम्बर पै आई डीएवी महिला महाविद्यालय यमुनानगर की टीम की छोरी नै  दिन छिप ग्या सै..इब होया सै अँधेरा रागणी गा कै साबित कर दिया कि म्हारी छोरी  गाण बजाण मैं भी किसै तै भी पाच्छै कोन्या। उसकै पाछै आई गांधी आदर्श कॉलेज समालखाँ  की छोरी ने औढणा अर पैरणा सिंगार चहीये सै..16 साल की हौली री मैंने बरतार चहीये सै  रागणी गाकर  सारे सुनण आल्यां का बहोत बढीया मनोरंजन करया । इस तरियाँ हरियाणवी रागणी की इस विधा में कुल 13 टीम्मा ने भाग लिया अर अपनी प्रस्तुति दी। रागणियाँ नै देखण आल्यां का खूब मनोरंजन करया। बड़े-बूढ़े तो रागणियाँ नै सुनण खातर आये अर गैल मैं आजकाल के बालक भी रागणी सुनण मैं खासा जीस्सा लेरे थे। शुरू तै लेकै आखर तैंइ लोगाँ नै खूब आनंद लिया। प्रोग्राम कै आखर मैं जजाँ की भूमिका मैं रयै सतीश हरियाणवी नै जीतण आली टीम्मा कै बारै मैं बताई, जिसकै मैं पहलैम् स्थान पै डीएवी महिला कॉलेज यमुनानगर, दुज्जै स्थान पै आरकेएसडी स्नातकोत्तर कॉलेज कैथल अर गर्वमेंट कॉलेज हाँसी ने तीज्जा स्थान पै कब्जा करया। इस टैम पै जज के रुप मैं हिमानी गुप्ता, सतीश हरियाणवी और सोमबीर कथुरीया मौजुद रये।

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