सैल्फी लेणी सै पर म्हारा स्टाइल मैं
साल दर साल रत्नावली समारोह का हिस्सा रहा सैल्फी कॉर्नर इस बार भी चर्चा का विषय बना हुआ है। 34 वें रत्नावली सामारोह में दूर दूर से आये लोग सैल्फी कॉर्नर पर जाकर अपने-अपने अंदाज में सैल्फियां ले रहे हैं। युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक तेजेन्द्र शर्मा बताते हैं कि पिछले तीन-चार सालों से रत्नावली समारोह में अलग अलग मंचों पर यह सैल्फी कॉर्नर बनाए जाते थे मगर इस बार सभी को जोड़कर एक ही जगह बड़ा कॉर्नर बनाया गया है। श्रीमद्भगवदगीता सदन के बाहर एक बड़े से कॉर्नर को सैल्फी कॉर्नर का नाम दिया गया है जिसके दो बड़े पोस्टरों पर हरियाणवी संस्कृति के अलग-अलग रूपों एवं विधाओं की तस्वीर छपी हुई है। सैल्फी कॉर्नर पर तस्वीर लेने आई छात्रा रिम्पी का कहना है कि उसने खंडका पहनकर इस कॉर्नर में कई पोज में तस्वीरें ली हैं। पीछे की आकृतियां सैल्फी को और ज्यादा आकर्षक बनाती हैं।
एमबीए के छात्र सुमित अरोड़ा का 34 वें रत्नावली समारोह में आने का यह पहला मौका है। सुमित बताते हैं कि उनके सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र सेल्फी कॉर्नर है। हरियाणवी शैली में सेल्फी लेकर उन्हें बहुत मजा आया। एम०ए० की छात्रा वंदना कहती हैं कि उन्हें सेल्फी कॉर्नर अच्छा लगा मगर पीछे की आकृतियां अगर वास्तविक होती तो और अच्छा होता। बहुत से दर्शकों ने सेल्फी कॉर्नर में लगे पोस्टर को हटाकर हरियाणवी संस्कृति से जुड़ी चीजों को सही डिजाइन देकर बेहतरीन सेल्फी कॉर्नर तैयार किए जाने का सुझाव दिया। उम्मीद है कि आने वाले सभी रत्नावली समारोह में यह कॉर्नर इसका हिस्सा बनता रहेगा और इसकी शान यूंहीं बढ़ाता रहेगा।

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