रत्नावली के सफल आयोजन के लिए छात्र संगठनों ने कसी कमर

रत्नावली 2019 को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों में भी उत्साह का माहौल है। रत्नावली के सफल आयोजन के लिए विभिन्न छात्र संगठन भी अपने स्तर पर भरपूर प्रयास कर रहे हैं। इसको लेकर सभी संगठनों के पदाधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हुए सबसे पहले एबीवीपी से हिमाँशु ठाकुर ने बताया कि रत्नावली केवल हरियाणा प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश भर में हरियाणवी संस्कृति, खान-पान, पारम्परिक आभूषण, रीति-रिवाज एवं हरियाणा के गौरवशाली इतिहास से परिचित करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एबीवीपी के कार्यकर्ता स्वयंसेवकों, प्रतिभागियों के रुप में हिस्सा ले रहे हैं और सभी सोशल मीडिया के माध्यम से रत्नावली के बारे में समाज के सभी लोगों को सूचना कर परिचित करवा रहे हैं। 

एन एस यू आई के विशाल भारद्वाज ने बताया कि रत्नावली वर्तमान पीढ़ी के अंदर हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत की छाप छोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और प्रदेश भर के का उत्साहपूर्वक रत्नावली में हिस्सा लेना उनके अंदर हरियाणा की संस्कृति की जानने की चाह को दर्शाता है। हमारे संगठन के कार्यकर्ता स्वयंसेवक के रुप में रत्नावली के सफल आयोजन हेतु प्रयासरत हैं। 

आई एन एस ओ के दीपेंद्र ब्राड ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविध्यालय में अनेक राज्यों के छात्र पढ़ने के लिए आते हैं तो उन छात्रों को भी हरियाणा की संस्कृति, खान पान एवं रीति रिवाजों के बारे में जानने का अवसर मिलता है , जो बेहद प्रशंसनीय है। हमारे संगठन द्वारा स्वयंसेवक के रुप में भी रत्नावली के सफल आयोजन के लिए अपनी भूमिका निभा रहे हैं और अपने हेल्प लाइन नंबर के माध्यम से भी लोगों को जानकारी दी जा रही है। 
एबीवीपी के कु०वि०कु० अध्यक्ष प्रमिश चौधरी ने बताया कि रत्नावली के चार दिन विश्वविद्यालय के विध्यार्थियों के लिए चार दिवसीय त्यौहार के समान होता है। चारों तरफ हरियाणवी संस्कृति एवं हरियाणवी भजन का आनंद लेते हुए लोग नजर आते हैं जो हमें हरियाणवी होने पर गर्व की अनुभूती कराता है। 
एस एफ आई से सुमन ने कहा कि रत्नावली एक बढ़ते हरियाणा की तस्वीर हमारे सामने प्रदर्शित करती है। हरियाणा का इतिहास एवं विकास से लोगों को परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हमारे संगठन के कार्यकर्ता स्वयंसेवक एवं प्रतिभागी के रुप में रत्नावली में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। 

ईनसो से छात्र नेत्री मंजु जाखड ने कहा कि रत्नावली हमारी संस्कृति को संजोए रखने के लिए महत्व पूर्ण भूमिका निभाती है। हरियाणवी संस्कृति को संजोए रखना और वर्तमान पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए रत्नावली एक महत्वपूर्ण साधन है। ईनसो द्वारा हेल्पलाइन नंबर एवं सोशल मीडिया के माध्यम से रत्नावली में जानकारी दी जा रही है। 
एस एफ आई के अनिल कुमार ने कहा कि रत्नावली महोत्सव कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। रत्नावली द्वारा भावी पीढ़ी को हरियाणवी संस्कृति से रूबरू कराने की अच्छी और कामयाब कोशिश है। हमारा संगठन प्रतिभागियों को रत्नावली से जुड़ी हुई विभिन्न जानकारी उपलब्ध करवाने का कार्य कर रहा है। 

छात्र संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा दी गई जानकारियों से पता चलता है कि वो अपने अपने स्तर पर रत्नावली के सफल आयोजन के लिए प्रयासरत हैं।

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